आखिर क्यों योगी सरकार किसानो को 60-60 रुपये के लोन माफ़ी के चेक दे रही है

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कुछ सरकार विरोधी पत्रकार लगातार झूठी खबरों से जनता को बरगलाने में लगे है , उनमे से एक पत्रकार ने कल रात एक रिपोर्ट दिखाई की यूपी की योगी सरकार ने किसानों का 66 पैसा , या 2 रुपया या फिर 80 रु कर्ज माफ किया ।

हमारा मानना है कि ऐसा ज़रूर हुआ होगा । लेकिन जनता को सच क्यों नहीं बताया जा रहा । पूरा देश जनता है की ये पत्रकार अपना खास एजेंडा चलाते है और जनता को गुमराह करना उनका रोजा का पेशा है ।
क्या आप जानते है की बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की एक प्रक्रिया है ।

अपनी ज़मीन की खसरा खतौनी लगा के बैंक में कार्ड के लिए अप्लाई करना पड़ता है । आपकी जमीन के हिसाब से बैंक आपका 50,000 या 1 लाख का क्रेडिट कार्ड बना देता है । आपको जब जितनी ज़रूरत हो निकाल लीजिए । फसल आ जाये तो बेच के खाते में जमा करा दीजिये । पूरा न सही तो समय समय पर थोड़ा बहुत कुछ जमा करते रहिए । पर इतना ध्यान रखिये की जीरो बैलेन्स न हो । एक बार हमारे गांव के एक किसान ने जीरो बैलेन्स कर दिया । अगली बार बैंक गए तो पता चला कि आपका तो खाता ही बंद है ।

अब बैंक से उसको कोई जवाब नहीं मिला की ऐसा क्यों किया
चलो भैया अब किसान क्रेडिट कार्ड के लिए फिर नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करो ।
निकलवाओ खसरा खतौनी । तो इसका उपाय हमने है निकाला कि लोन चुकाओ तो जीरो बैलेन्स मत करो ।कुछ 10 – 20 रु प्लस माइनस ज़रूर रखो ।

अब आपने 50,000 का कर्ज लिया । ब्याज समेत कुल राशि हुआ 54,446 रु । किसान 54,400 जमा कर देगा पर 46 रु बाकी छोड़ देगा । इतने में सरकार ने कर्जमाफी दे दी । आपके ऊपर सिर्फ 46 रु का कर्जा है ।
तो बैंक कितना माफ करेगा ।  46 रु ही न माफ करेगा ????????
अब जिसके ऊपर कर्ज़ ही सिर्फ 96 पैसा है उसका कितना कर्ज़ योगी जी माफ करें ?
और ये पत्रकार इसी 96 पैसे कर्जमाफी को रो रहे है

वैसे आपको बता दूं कि हमारे गांव के एक स्वर्गीय किसान के नाम कुछ 40,000 के आसपास कर्ज था किसान क्रेडिट कार्ड का । ये जानते हुए भी की योगी सरकार किसानों की कर्जमाफी करेगी , उनके बड़े पुत्र ने सारा कर्ज़ चुका के बैंक से No Dues Certificate लिया ।

उनका कहना था कि हम क्यों डिफाल्टर बनें ?
हम क्यों खराब करें अपनी credit History ।
डियर पेड मिडिया , हर किसान भिखारी नही है ।
बंद करो अपना ये रोना धोना

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